राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सुप्रीमो मोहन भागवत जी ने कहां कि दलितों के घर खाना खाने से दलितों का उत्थान नहीं होता यह बंद कर दीजिएगा . उन्होंने कहा समय आ गया है की नेता दलितों को अपने घर में बुलाकर खाना खिलाए . मोहन भागवत की इस बयान के बाद भाजपा नेता पेशोपेश में है कि वह भागवत जी की बात माने या नरेंद्र मोदी की . मोदी जी ने सभी नेताओं को दलित बस्ती में कम से कम एक रात बिताने को कहा था. क्या संघ मोदी के विचारों के के खिलाफ है ? दलितों के यहां खाना खाने से किसका भला होता है ? क्या इस बयान से कर्नाटक के चुनाव में कुछ फर्क पड़ेगा ? इन तमाम सवालों के जवाब जानने के लिए देखते रहिए खबर के पीछे की खबर धोबी घाट पर अशोक वानखेड़े के साथ.
Rasgtriya Swayamsevak Sangh supremo Mohan Bhagawat said no one can up lift the Dalits by having food with them at their residence. The leaders who do so should invite Dalits To their home for food. This has derailed the PM Modi,s plan of Dalit dinner diplomacy. Is Sangh unhappy with BJP ? Will this have any impact on Karnataka polls ? Will BJP cancel the plan ? To get answers to these questions watch khabar ke piche ki khabar on Dhobighat with Ashok Wankhade



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